देवन एक चतुर चोर था। उसने अमीरों को लूट लिया और सभी बीमार और जरूरतमंदों को दे दिया। दूसरे चोरों को उससे जलन हो रही थी। उन्होंने उससे छुटकारा पाने की योजना बनाई। उन्होंने राजा के पजामा को चुराने की चुनौती दी।



देवेन ने चुनौती स्वीकार कर ली। उसके बाद उन्होंने नई चुनौती को अंजाम देने की तैयारी की। उसने राजा को चुराने की योजना बनाई। योजना तैयार करने के लिए उन्होंने खुद को मानसिक रूप से तैयार किया।



वह राजा के महल में गया। उसने राजा को सोते हुए पाया। उसने बिस्तर पर लाल चींटियों की एक बोतल खोल दी। राजा बुरी तरह से काट गया। वह मदद के लिए चिल्लाई। नौकर अंदर घुस गए। उन्होंने चींटियों को देखने का नाटक किया। देवेन ने राजा के पजामा को हटा दिया और भाग निकले। अन्य चोरों की स्थापना की गई।



उन्होंने देवेन को अपना नेता स्वीकार कर लिया।



Moral: चतुर बनो।