एक दिन, डॉ। फोस्टर अपना काम करने के लिए ग्लूसेस्टर जाना चाहते थे। सुबह से बारिश हो रही थी और रुकी नहीं थी। लेकिन वह फिर भी वहां गया।
एक बार जब उसने अपना काम खत्म कर लिया, तो उसने तुरंत घर छोड़ दिया। लेकिन अभी भी बारिश हो रही थी। सड़क गीली और फिसलन भरी थी। डॉ। फोस्टर जल्दी चले गए।
अचानक, उसने पानी से भरे एक पोखर में कदम रखा और अपनी कमर तक डूब गया। वह डर गया और चारों तरफ गीला हो गया। वह अपनी बुरी किस्मत से इतना निराश था कि उसने दोबारा ग्लूसेस्टर नहीं जाने का वादा किया।
कहानी का नैतिक :
आपको सावधान रहना चाहिए कि आप किसी दुर्घटना से कहाँ बचने वाले हैं।
एक बार जब उसने अपना काम खत्म कर लिया, तो उसने तुरंत घर छोड़ दिया। लेकिन अभी भी बारिश हो रही थी। सड़क गीली और फिसलन भरी थी। डॉ। फोस्टर जल्दी चले गए।
अचानक, उसने पानी से भरे एक पोखर में कदम रखा और अपनी कमर तक डूब गया। वह डर गया और चारों तरफ गीला हो गया। वह अपनी बुरी किस्मत से इतना निराश था कि उसने दोबारा ग्लूसेस्टर नहीं जाने का वादा किया।
कहानी का नैतिक :
आपको सावधान रहना चाहिए कि आप किसी दुर्घटना से कहाँ बचने वाले हैं।

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